तुम्हारे जाने के बाद
वक़्त भी रुक सा जाता है तुम्हारे जाने के बाद,
फिर अपने आप को छुपा लेता हू मैं
आँखे बाँध कर के तुम्हारी यादो के आँचल मे,
और चले जाता हु मे भी उस अलग दुनिया मे,
जो सिर्फ़ हमने साथ देखी थी,
जहा तुम मेरी हो, और मै तुम्हारा,
बस प्यार का सागर है और ना कोई किनारा,
पर एक हक़ीक़त है जो कॅंटो सी चुबती है,
और एहसास दिलाती है,
की अब बोहत देर हो चुकी है,
अब तो संभलना होगा तुम्हे,
ज़िंदगी को दुबारा जीना होगा तुम्हे,
लेकिन मैं जानता हू मेरे दिल्को और तुम्हारे प्यार को भी,
तुम साथ ही हो, बस थोडी दूर हो,
कही गुम हो पर ढूंड मुझे रही हो,
हर उस जगहापे, जहा मे तुम्हे मिला करता था,
और मै बस इसी यकीन से ही तो ज़िंदा हू तुम्हारे जाने के बाद..
-किरण
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